1. लखनऊ में भारी बारिश से जलभराव, गांवों में भी प्रभाव
लखनऊ में 13 जुलाई 2025 को भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में 18.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, लेकिन 30% बारिश की कमी बनी हुई है। मलिहाबाद और स्वनापुर जैसे गांवों में जलभराव की समस्या देखी गई, जिससे किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए टीमें तैनात की हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे शहर और गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
2. मलिहाबाद में नाबालिग दलित लड़की के मामले में त्वरित कार्रवाई
मलिहाबाद के स्वनापुर गांव में 9 जुलाई को एक सात वर्षीय दलित लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया। लखनऊ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चार्जशीट दाखिल कर एक मिसाल कायम की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, और मामला फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेजने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को सहायता प्रदान की, और मेडिको-लीगल प्रक्रिया रात में पूरी की गई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में पहली बार इतनी तेजी से हुई, जिसकी प्रशंसा हो रही है।
3. लखनऊ में युवा कौशल चौपाल: ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर
लखनऊ में 15 जुलाई से शुरू होने वाली 'युवा कौशल चौपाल' का आयोजन विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर होगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी युवाओं को कौशल विकास के अवसर प्रदान करना है। मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, और अन्य गांवों के युवाओं को स्वरोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्किल इंडिया' मिशन के तहत यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी। स्थानीय अधिकारियों ने गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया है।
4. पर्यावरण: यूपी में 240 करोड़ पौधों का रिकॉर्ड, गांवों में हरियाली
उत्तर प्रदेश में पिछले आठ वर्षों में 240 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए, जिनमें लखनऊ के गांवों का बड़ा योगदान है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2021-25 के बीच पौधों की जीवित रहने की दर 86.67% रही। इस साल 9 जुलाई को 37.21 करोड़ पौधे लगाए गए। मलिहाबाद, काकोरी, और बंथरा जैसे गांवों में सामुदायिक भागीदारी से हरियाली बढ़ी है। 2024-25 में जीवित रहने की दर 96.06% तक पहुंची, जो प्रभावी निगरानी का परिणाम है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।
5. लखनऊ में गैंगस्टर सतेंद्र उर्फ कालिया के साथ पुलिस मुठभेड़
लखनऊ के एक गांव में 11 जुलाई को पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सतेंद्र उर्फ कालिया के बीच मुठभेड़ हुई। भागने की कोशिश में सतेंद्र के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना शहर और आसपास के गांवों में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। इस मुठभेड़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
6. लखनऊ में प्रदूषण: गांवों में फैक्ट्री से खतरा
पुरुषोत्तम राम फूड इंडस्ट्री के कारण लखनऊ के कुछ गांवों में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है। फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी और चिमनी का जहरीला धुआं स्थानीय गायों और लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की, जिसके बाद जांच शुरू हुई। प्रभावित गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग फैक्ट्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।
7. लखनऊ में आम महोत्सव: ग्रामीण किसानों को बढ़ावा
लखनऊ में हाल ही में आयोजित आम महोत्सव में 800 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गईं। मलिहाबाद, काकोरी, और अन्य गांवों के किसानों ने इसमें हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य किसानों को तकनीक और बाजार से जोड़ना था। यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की आम उत्पादन में मजबूत स्थिति को दर्शाता है। ग्रामीण किसानों को नए अवसर मिले, और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
राजनीतिक खबरें:
1. अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला: लखनऊ में बुनियादी ढांचे की कमी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाली BJP सरकार बारिश में जलभराव और खराब ड्रेनेज सिस्टम से निपटने में नाकाम रही। मलिहाबाद और बंथरा जैसे गांवों में सड़कें तालाब बन गईं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हुई। अखिलेश ने 2027 में सपा सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इन समस्याओं का स्थायी समाधान करेगी। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनके बयान का समर्थन किया।
2. राजनाथ सिंह का लखनऊ दौरा: BJP कार्यकर्ताओं में उत्साह
रक्षा मंत्री और लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने 11 जुलाई को लखनऊ के रामलीला मैदान में BJP कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पर जोर दिया। मलिहाबाद, काकोरी, और अन्य गांवों से आए कार्यकर्ताओं ने उनकी रणनीति की सराहना की। राजनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में BJP की पहुंच बढ़ाने के लिए नए अभियान शुरू करने की घोषणा की। यह दौरा स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. योगी आदित्यनाथ की योजना विभाग के साथ बैठक: ग्रामीण विकास पर जोर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में योजना विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, और अन्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई। योगी ने कहा कि 2025-26 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान होंगे। सपा ने इस बैठक को दिखावा करार दिया, जबकि BJP कार्यकर्ताओं ने इसे ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। इस बैठक से गांवों में सड़क, बिजली, और पानी की समस्याओं पर ध्यान देने की उम्मीद है।
4. सपा की बढ़ती लोकप्रियता: BJP पर दबाव
लखनऊ और आसपास के गांवों में समाजवादी पार्टी की लोकप्रियता बढ़ने की खबरें हैं। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2027 में सपा सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि BJP की नीतियों से जनता त्रस्त है, खासकर बेरोजगारी और महंगाई को लेकर। मलिहाबाद और स्वनापुर जैसे गांवों में सपा के कार्यकर्ता सक्रिय हो रहे हैं। दूसरी ओर, BJP ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए अभूतपूर्व काम किया है। इस राजनीतिक खींचतान ने लखनऊ में चर्चा तेज कर दी है।
5. राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर लखनऊ में सामाजिक आयोजन
10 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 74वें जन्मदिन पर लखनऊ और आसपास के गांवों में कई सामाजिक और धार्मिक आयोजन हुए। लखनऊ मेयर सुषमा खरकवाल ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया। मलिहाबाद और काकोरी में सुंदरकांड पाठ और भंडारे आयोजित किए गए। BJP नेताओं, जैसे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र सिंह चौधरी, ने इन आयोजनों में हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में BJP की सक्रियता को दर्शाया, जिससे कार्यकर्ताओं में जोश देखा गया। यह आयोजन स्थानीय समुदाय को एकजुट करने में सफल रहा।
लखनऊ में बसपा की वापसी की कोशिश
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने लखनऊ और आसपास के गांवों में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए अभियान शुरू किया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में दलित और पिछड़े समुदायों तक पहुंचने का निर्देश दिया। स्वनापुर और मलिहाबाद में बसपा ने छोटी सभाएं आयोजित कीं, जिसमें शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर जोर दिया गया। स्थानीय नेताओं ने कहा कि BJP और सपा की नाकामियों का फायदा बसपा को मिलेगा। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि बसपा को ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Comments
Post a Comment